Sunday, 14 December 2025

Rimjhim ke tarane leke aayi barsat

Rimjhim ke tranaleke aayi barsat


One of my favourite songs from the movie Kala bazar .
Image created with the help of AI

रिमझिम के तराने लेके आयी बरसात
याद आए किसीसे वो पहली मुलाक़ात
रिमझिम के तराने लेके आयी बरसात
याद आए किसीसे वो पहली मुलाक़ात
रिमझिम के तराने लेके आयी बरसात

चित्रपट : काला बाजार (१९६०)
गीतकार : शैलेन्द्र,
गायक : मोहम्मद रफी, गीता दत्त
संगीतकार : सचिन देव बर्मन


भीगे तन-मन, पड़े रस की फुहार
प्यार का संदेसा लायी बरखा बहार
भीगे तन-मन, पड़े रस की फुहार
प्यार का संदेसा लायी बरखा बहार

मैं ना बोलूँ,
मैं ना बोलूँ, आँखें करें अँखियों से बात
रिमझिम के तराने लेके आयी बरसात


सुनके मतवाले काले बादलों का शोर
रूम-झूम घूम-घूम नाचे मन का मोर
सुनके मतवाले काले बादलों का शोर
रूम-झूम घूम-घूम नाचे मन का मोर

सपनों का साथी चल रहा है मेरे साथ
रिमझिम के तराने लेके आयी बरसात
याद आए किसीसे वो पहली मुलाक़ात
रिमझिम के तराने लेके आयी बरसात


जब मिलते हो तुम
क्यूँ छिड़ते हैं दिल के तार
मिलने को तुमसे मैं क्यूँ था बेक़रार
जब मिलते हो तुम
क्यूँ छिड़ते हैं दिल के तार
मिलने को तुमसे मैं क्यूँ था बेक़रार

रह जाती है….
रह जाती है क्यूँ होंठों तक
आके दिल की बात
रिमझिम के तराने लेके आयी बरसात
याद आए किसीसे वो पहली मुलाक़ात
रिमझिम के तराने लेके आयी 

No comments:

Post a Comment

A moment carved in quiet dignity - charcoal pencil sketch

  A moment carved in quiet dignity—resting beneath the old tree, carrying a lifetime of unhurried stories in silent repose. The Artistic E...